6 जिलों में विकसित होंगी नई टाउनशिप
एससीआर योजना के तहत लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली में चरणबद्ध तरीके से आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इन जिलों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई टाउनशिप बसाने की तैयारी है, जहां सड़क, पानी, बिजली, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी।
लाखों परिवारों को मिलेगा घर
सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2051 तक इस क्षेत्र में आवास की मांग काफी बढ़ जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए लगभग 48.75 लाख आवास विकसित करने की योजना बनाई गई है। इनमें करीब 13.36 लाख किफायती (अफोर्डेबल) आवास होंगे, ताकि मध्यम वर्ग, निम्न आय वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपने घर का सपना पूरा कर सकें।
पहले चरण में शुरू होगा निर्माण
योजना के पहले चरण में हजारों एकड़ भूमि पर आवासीय परियोजनाओं को विकसित किया जाएगा। इन योजनाओं को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए), उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद और सूडा जैसी एजेंसियों को सौंपी गई है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य चरणों में भी विस्तार किया जाएगा।
रोजगार और विकास को भी बढ़ावा
एससीआर के विकास का उद्देश्य केवल नए घर बनाना नहीं है, बल्कि राजधानी और आसपास के जिलों को एक मजबूत आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित करना भी है। औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे बड़ी संख्या में लोग इन क्षेत्रों में बस सकेंगे। इसी जरूरत को देखते हुए आवासीय परियोजनाओं की योजना तैयार की गई है।
फ्लैट और प्लॉट दोनों होंगे उपलब्ध
योजना के तहत अधिकांश जिलों में ग्रुप हाउसिंग मॉडल पर फ्लैट विकसित किए जाएंगे, जबकि कुछ क्षेत्रों में प्लॉट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। रायबरेली में प्लॉट और ग्रुप हाउसिंग दोनों को समान प्राथमिकता देने की योजना है, जबकि अन्य जिलों में फ्लैटों की संख्या अधिक रहने की संभावना है।
कीमतों का होगा बाद में निर्धारण
फिलहाल प्रस्तावित आवासों की कीमत तय नहीं की गई है। परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप और विकास कार्यों के बाद लागत के आधार पर मूल्य निर्धारित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों को उनकी आय के अनुरूप किफायती आवास उपलब्ध कराए जा सकें।

0 comments:
Post a Comment