बिहार में 7 नए बिल हुआ पास, सभी नागरिकों को जानना जरूरी

पटना। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य सरकार ने कई अहम विधेयकों को सदन से पारित कराया है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कुल सात महत्वपूर्ण विधेयक मंजूर किए गए, जिनका सीधा असर कानून-व्यवस्था, भूमि संबंधी प्रक्रियाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, कर व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज पर पड़ेगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद ये विधेयक कानून के रूप में लागू होंगे।

आइए जानते हैं इन सात बड़े फैसलों का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा।

1. नया जुआ प्रतिषेध कानून होगा लागू

सदन ने बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 को सर्वसम्मति से पारित किया। इस नए कानून का उद्देश्य पारंपरिक जुआघरों के साथ-साथ ऑनलाइन जुआ और बेटिंग नेटवर्क पर भी सख्ती से रोक लगाना है। कानून लागू होने के बाद ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के जुए पर कार्रवाई की जा सकेगी।

2. दाखिल-खारिज के लिए तय होगा नया शुल्क

बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत अब जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के लिए 200 रुपये का शुल्क देना होगा। सरकार का कहना है कि इससे भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ राजस्व संग्रह में भी मदद मिलेगी।

3. कृषि भूमि से जुड़े पुराने कानून में बदलाव

बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक, 2026 भी पारित किया गया है। इसका उद्देश्य भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक सुधार करना है।

4. दूसरे राज्यों के डॉक्टर और नर्स भी कर सकेंगे प्रैक्टिस

बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026 और बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 के लागू होने के बाद दूसरे राज्यों में पंजीकृत डॉक्टर और नर्स निर्धारित प्रक्रिया के तहत बिहार में भी सेवाएं दे सकेंगे। साथ ही, यदि किसी चिकित्सक या नर्स पर गंभीर अनियमितता या कदाचार सिद्ध होता है, तो उनके पंजीकरण पर कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।

5. जीएसटी नियमों में होगा संशोधन

बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी मिल गई है। यह संशोधन जीएसटी परिषद की सिफारिशों के अनुरूप किया गया है, ताकि राज्य में कर व्यवस्था को मौजूदा नियमों के अनुसार अपडेट किया जा सके।

6. चीनी उद्योग से जुड़े नियमों में संशोधन

सदन ने बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी पारित किया। इस संशोधन का उद्देश्य चीनी उद्योग से जुड़े प्रशासनिक प्रावधानों को समयानुकूल बनाना और संचालन व्यवस्था को अधिक प्रभावी करना है।

7. भूमिहीन परिवारों के लिए भी बड़ा ऐलान

विधानसभा में चर्चा के दौरान सरकार ने जानकारी दी कि 15 अगस्त को राज्य के 30,000 भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा (आवासीय भूमि का अधिकार पत्र) प्रदान करने की तैयारी की जा रही है। इससे पात्र परिवारों को स्थायी आवासीय भूमि का अधिकार मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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