नई व्यवस्था के तहत तबादलों में अब पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 100 अंकों पर आधारित एपीआई (API) मार्किंग सिस्टम लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को बिना अनावश्यक भागदौड़ के ऑनलाइन माध्यम से स्थानांतरण की सुविधा देना और पूरी प्रक्रिया को मेरिट आधारित बनाना है।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
नई नीति के लागू होने के बाद शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। शिक्षा विभाग विशेष ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन स्वीकार करेगा। शिक्षक अपने लॉगिन आईडी से पोर्टल पर प्रवेश कर पसंदीदा विद्यालयों का विकल्प भर सकेंगे। इससे आवेदन से लेकर चयन तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
100 अंकों की प्रणाली तय करेगी प्राथमिकता
नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 100 अंकों का एपीआई आधारित मूल्यांकन है। इस प्रणाली में विभिन्न मानकों के आधार पर अंक दिए जाएंगे। गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को 20 अंक मिलेंगे। निर्धारित श्रेणी के दिव्यांग शिक्षकों को 15 अंक दिए जाएंगे। महिला शिक्षकों तथा अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत पति-पत्नी शिक्षकों को 10-10 अंक का लाभ मिलेगा। सेवा अवधि और अनुभव के आधार पर भी प्रत्येक वर्ष के लिए अंक निर्धारित किए जाएंगे। वर्तमान पदस्थापन और अन्य निर्धारित मानकों को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा। इस प्रणाली का उद्देश्य पात्र शिक्षकों को प्राथमिकता देना और स्थानांतरण प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना है।
महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था
नई नीति में महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग-अलग प्रावधान भी किए गए हैं। महिला शिक्षकों को उनके गृह पंचायत को छोड़कर उसी प्रखंड की निकटवर्ती पंचायत में पदस्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं पुरुष शिक्षकों का स्थानांतरण उनके गृह प्रखंड से बाहर लेकिन उसी जिले के किसी निकटवर्ती प्रखंड में किया जा सकेगा। इससे पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाएगा।

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