बिहार सरकार का फैसला, मजदूरों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अब प्रत्येक जिले में श्रम सेवा सुविधा केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इन केंद्रों के माध्यम से श्रमिकों का पंजीकरण, नवीनीकरण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।

दिसंबर तक 33 नए जिलों में शुरू होंगे केंद्र

फिलहाल पटना, कैमूर, सारण, सहरसा और दरभंगा में श्रम सेवा सुविधा केंद्र संचालित हैं। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने 33 नए जिलों में ऐसे केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार की योजना है कि दिसंबर 2026 तक इन केंद्रों को शुरू कर दिया जाए, ताकि राज्य के अधिक से अधिक श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल सकें।

एक ही जगह मिलेंगी कई सुविधाएं

नए श्रम सेवा सुविधा केंद्रों पर श्रमिकों को कई सेवाएं एक साथ उपलब्ध होंगी। यहां ऑनलाइन पंजीकरण, पंजीकरण का नवीनीकरण, सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और लाभ प्राप्त करने में सहायता दी जाएगी। इसके अलावा श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक भी किया जाएगा, जिससे पात्र लाभार्थी समय पर सरकारी सहायता प्राप्त कर सकें।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का  लाभ

सरकार का मानना है कि श्रम सेवा सुविधा केंद्र शुरू होने से मजदूरों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। पंजीकरण की प्रक्रिया आसान होने के साथ-साथ दुर्घटना सहायता, मातृत्व लाभ, शिक्षा सहायता, चिकित्सा सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक संख्या में पात्र श्रमिकों तक पहुंच सकेगा। यह पहल राज्य के लाखों मजदूरों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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