इन्हे पुरानी पेंशन का विकल्प?
सरकार के ताजा स्पष्टीकरण के अनुसार, यह राहत उन कर्मचारियों के लिए है जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रशासनिक या अन्य कारणों से उनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2004 के बाद हुई। ऐसे मामलों में आवेदन की तारीख को महत्वपूर्ण आधार माना जाएगा। यदि कर्मचारी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन किया था और उस समय सभी पात्रता शर्तें पूरी करता था, तो उसे पुरानी पेंशन योजना चुनने का मौका मिल सकता है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
1 जनवरी 2004 से केंद्र सरकार में नई पेंशन प्रणाली (NPS) लागू होने के बाद अधिकांश नए कर्मचारियों को इसी व्यवस्था के तहत शामिल किया गया। लेकिन कई ऐसे मामले सामने आए, जहां आवेदन पहले किया गया था, जबकि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने में देरी के कारण जॉइनिंग बाद में हुई। सरकार का मानना है कि ऐसे कर्मचारियों को केवल प्रक्रिया में देरी की वजह से पुरानी पेंशन के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इसी कारण पात्र कर्मचारियों को विकल्प देने का फैसला किया गया है।
इन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा
सरकार ने साफ कर दिया है कि यह कोई सामान्य या सार्वभौमिक आदेश नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी NPS कर्मचारी अब पुरानी पेंशन योजना में वापस जा सकेंगे। यह सुविधा केवल उन्हीं मामलों में उपलब्ध होगी जहां अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ी निर्धारित शर्तें पूरी होती हों। नियमित भर्ती के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।
कुछ संस्थानों ने शुरू किया अमल
सरकारी स्पष्टीकरण के बाद कुछ केंद्रीय संस्थानों ने पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि सभी स्वायत्त संस्थानों में यह व्यवस्था स्वतः लागू नहीं होगी। संबंधित संस्थान द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद ही वहां के पात्र कर्मचारी इस विकल्प का लाभ उठा सकेंगे।

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