पूरे प्रदेश के 762 नगरीय निकायों में मिलेगी सुविधा
नई व्यवस्था उत्तर प्रदेश के सभी 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों में लागू होगी। यानी प्रदेश के हर वर्ग के करदाता इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। योजना का दायरा केवल आवासीय संपत्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियां भी इसमें शामिल होंगी। इतना ही नहीं, सरकारी विभाग, स्वायत्तशासी संस्थान और सार्वजनिक उपक्रम भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
सिर्फ मूल कर जमा करना होगा
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि करदाताओं को केवल मूल टैक्स जमा करना होगा। यदि पूरा मूल बकाया जमा कर दिया जाता है तो उस पर वर्षों से जुड़ा ब्याज और सरचार्ज पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। यह लाभ 1 अप्रैल 2026 तक लंबित कर बकायों पर लागू होगा। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जिनका बकाया लगातार बढ़ता जा रहा था।
तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा
सरकार ने भुगतान को आसान बनाने के लिए किस्तों का विकल्प भी दिया है। योजना लागू होने के 30 दिनों के भीतर कम से कम एक-तिहाई मूल बकाया जमा करना होगा। शेष राशि दो मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी। हालांकि, पूरी बकाया राशि का भुगतान तीन महीने के भीतर करना अनिवार्य रहेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर करदाताओं को भी राहत मिलेगी।
15 अगस्त से शुरू होगा अभियान
सरकार ने इस योजना का संचालन 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक करने का निर्णय लिया है। शुरुआती एक महीने तक यानी 15 अगस्त से 14 सितंबर के बीच सभी नगरीय निकाय जागरूकता अभियान चलाएंगे। लोगों को एसएमएस, ई-मेल, शिविर, होर्डिंग, पत्र और अन्य माध्यमों से योजना की जानकारी दी जाएगी ताकि अधिक से अधिक करदाता इसका लाभ उठा सकें।
ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन
करदाता इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकेंगे। नगर निकाय अपनी वेबसाइट या विशेष पोर्टल के जरिए आवेदन स्वीकार करेंगे, जबकि सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी। आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर निस्तारण करना संबंधित अधिकारियों के लिए अनिवार्य होगा।

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