एक लाख शिक्षकों की भर्ती की दिशा में बड़ा कदम
राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य तय किया है। इसी योजना के तहत टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि नई नियुक्तियों से सरकारी विद्यालयों में खाली पड़े पद भरने में मदद मिलेगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा।
63,047 सरप्लस शिक्षकों का होगा समायोजन
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालयों में 63,047 शिक्षक आवश्यकता से अधिक कार्यरत हैं, जबकि कई स्कूल ऐसे हैं जहां शिक्षकों की संख्या अभी भी कम है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए अतिरिक्त शिक्षकों का चरणबद्ध तरीके से उन विद्यालयों में समायोजन किया जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है। इससे सभी स्कूलों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
जिला कैडर व्यवस्था होगी लागू
सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति प्रणाली में भी महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब नई नियुक्तियां जिला कैडर के आधार पर होंगी। यानी जिस जिले में शिक्षक की नियुक्ति होगी, सामान्य परिस्थितियों में उनकी सेवा उसी जिले में रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रत्येक जिले में शिक्षकों की उपलब्धता स्थिर रहेगी और अनावश्यक स्थानांतरण की समस्या कम होगी।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती
सरकार का कहना है कि सरप्लस शिक्षकों के समायोजन, जिला कैडर व्यवस्था और टीआरई-4 भर्ती पूरी होने के बाद सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी। इससे विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण सुविधा मिलेगी और विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।

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