क्या बदलेगा नए नियम में?
अब तक दाखिल-खारिज की प्रक्रिया अलग व्यवस्था के तहत संचालित होती थी, लेकिन नए संशोधन के लागू होने के बाद प्रत्येक म्यूटेशन आवेदन पर 200 रुपये का निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी होगी और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कहा कि राज्य में लगातार सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी विकास कार्यों पर निवेश किया जा रहा है। ऐसे में विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना भी आवश्यक है।
इस फैसले पर विपक्ष ने उठाए सवाल
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने इस नए शुल्क का विरोध किया। उनका कहना था कि दाखिल-खारिज पर शुल्क लगाने से आम नागरिकों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। विपक्ष ने यह भी मांग की कि सरकार ऐसे मामलों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत का प्रावधान करे।
कब से लागू होगा यह नया नियम?
फिलहाल यह संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है। अब इसे राज्यपाल की मंजूरी मिलनी बाकी है। मंजूरी के बाद सरकार अधिसूचना जारी करेगी और तभी पूरे राज्य में नया नियम लागू होगा।

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