छह जिलों को मिलेगा विकास का फायदा
यूपीएससीआर में लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली को शामिल किया गया है। इन छह जिलों का कुल क्षेत्रफल करीब 26,741 वर्ग किलोमीटर है। क्षेत्र के विकास के लिए जीआईएस आधारित क्षेत्रीय महायोजना तैयार की जाएगी। इसका मकसद अलग-अलग जिलों के विकास को एक साझा योजना से जोड़ना है।
सड़क से लेकर रेल और मेट्रो तक पर जोर
यूपीएससीआर के तहत करीब 30 प्रमुख परियोजनाएं चिह्नित की गई हैं। इनमें क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क, एलिवेटेड परिधीय सड़क, सड़क सुधार, परिवहन नगर, परिक्रमा रेल गलियारा और मेट्रो नेटवर्क जैसी योजनाएं शामिल हैं। इससे राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
निवेश और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा
क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक पार्क, फूड पार्क और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के आसपास विकास की योजनाएं भी प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं से निवेश बढ़ने के साथ रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
2,239 स्थानों पर हुआ जमीन पर सत्यापन
बेस मैप को तैयार करने से पहले इसकी सटीकता जांचने के लिए छह जिलों में 2,239 स्थानों का स्थलीय सत्यापन कराया गया। इसके अलावा 22 संबंधित विभागों और संस्थाओं से भी सहमति ली गई। अब अंतिम मंजूरी के बाद क्षेत्रीय महायोजना तैयार होगी, जिसके जरिए बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार का जोर इस क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी के साथ गांवों तक शहरी सुविधाएं पहुंचाने पर भी है। अधिकारियों के मुताबिक, जिलों में रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ने से लोगों को काम के लिए राजधानी की ओर पलायन करने की जरूरत कम पड़ सकती है।
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