विभाग के नए आदेश के मुताबिक, केंद्रीय मोटरयान नियमावली के तहत अधिकृत एजेंसी से जारी टाइप अप्रूवल प्रमाणपत्र के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। वाहन कंपनियों को टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट के साथ फॉर्म-22 जमा करना होगा।
डीलरों और कंपनियों को मिलेगी राहत
आपको बता दें की दस्तावेज मिलने के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी नियमों के अनुसार ट्रेड सर्टिफिकेट जारी करने और वाहन के रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई कर सकेंगे। इसके लिए मुख्यालय से अलग अनुमति लेने की बाध्यता खत्म कर दी गई है।
परिवहन विभाग ने यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू किया है। विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से नए मॉडल के वाहनों का रजिस्ट्रेशन तेजी से हो सकेगा और वाहन कंपनियों व डीलरों को अनावश्यक प्रक्रिया से राहत मिलेगी। यह फैसला सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पहले से लागू प्रावधानों के अनुरूप किया गया है।

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