पुराने रूटों पर भी जारी रहेगी बस सेवा
लखनऊ में हुई बिहार और उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्रियों की बैठक में नए रूटों को लेकर सहमति बनी। इसके साथ ही पिछले करीब दस वर्षों से संचालित 25 पुराने रूटों के समझौते को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई गई है। बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत के मुताबिक, दोनों राज्यों के बीच बस कनेक्टिविटी बढ़ने से दिल्ली, नोएडा, लखनऊ और कानपुर आने-जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
अयोध्या से गया-बोधगया तक कनेक्टिविटी पर जोर
इस योजना का फायदा सिर्फ रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को ही नहीं, बल्कि पर्यटकों को भी मिलने की उम्मीद है। बैठक में रामायण सर्किट और बुद्ध सर्किट से जुड़े प्रमुख स्थानों को बस नेटवर्क से जोड़ने पर चर्चा हुई। अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों से सीतामढ़ी, गया, बोधगया और वैशाली तक सीधी बस सेवा शुरू करने की योजना पर भी विचार किया गया है। इससे धार्मिक और बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जल्द होगा दोनों राज्यों के बीच समझौता
नए रूटों पर सहमति बनने के बाद अब दोनों राज्यों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद बसों के संचालन की अगली तैयारी शुरू होगी। नए रूट शुरू होने से बिहार के यात्रियों को यूपी और दिल्ली की ओर जाने के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिल सकता है।

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