गांवों में इंटरनेट से लेकर 24 घंटे बिजली तक
सरकार की योजना के मुताबिक पंचायतों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाए जाएंगे, जबकि दूरदराज के छोटे गांवों में सैटेलाइट इंटरनेट की सुविधा देने की तैयारी है।
बिजली आपूर्ति को भी बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन करीब 20 घंटे बिजली मिल रही है। इसे 2029-30 तक 23 घंटे और 2035-36 तक 24 घंटे करने का लक्ष्य है। इसके साथ गांवों को हर मौसम में सुरक्षित सड़क सुविधा से जोड़ने की भी योजना है।
हर पंचायत बनेगी डिजिटल सुविधा केंद्र
'स्मार्ट विलेज मिशन' के तहत ग्राम सचिवालयों को सिर्फ प्रशासनिक कार्यालय तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इन्हें ग्रामीणों के लिए एक तरह के सिंगल-विंडो सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां सरकारी सेवाओं के साथ शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने पर जोर है।
पंचायत स्तर पर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार भी किया जाएगा। स्वास्थ्य रिकॉर्ड, हेल्थ आईडी और ई-संजीवनी जैसी सुविधाओं के जरिए ग्रामीणों को दूर बैठे चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने की योजना है।
पंचायतों में युवाओं के लिए भी बढ़ेंगे मौके
गांवों के पंचायत केंद्रों को डिजिटल परीक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए दूर जाने से बच सकेंगे। सरकार का मानना है कि डिजिटल सुविधाओं, बेहतर बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों का विस्तार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
इसी व्यापक योजना के तहत उत्तर प्रदेश को 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

0 comments:
Post a Comment