महिलाएं ध्यान दें! बच्चेदानी में संक्रमण होने पर शरीर में नजर आते हैं ये 4 बदलाव

हेल्थ डेस्क। महिलाओं की प्रजनन प्रणाली में होने वाला संक्रमण कई बार शुरुआत में हल्के लक्षणों के साथ सामने आता है। कुछ मामलों में तो कोई स्पष्ट लक्षण भी नजर नहीं आता। लेकिन अगर संक्रमण गर्भाशय और आसपास के अंगों तक फैल जाए, तो पेट दर्द, असामान्य डिस्चार्ज और पीरियड्स में बदलाव जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे संकेतों को लंबे समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

1. पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द

बच्चेदानी या पेल्विक हिस्से में संक्रमण होने पर पेट के निचले भाग में दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है। दर्द हल्का भी हो सकता है और समय के साथ बढ़ भी सकता है। अगर दर्द बार-बार हो रहा है या लंबे समय तक बना हुआ है, तो जांच कराना जरूरी है।

2. असामान्य योनि स्राव

योनि से सामान्य से अलग तरह का डिस्चार्ज संक्रमण का संकेत हो सकता है। डिस्चार्ज की मात्रा, रंग या गंध में बदलाव नजर आए, खासकर अगर उसमें तेज या असामान्य गंध हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. पीरियड्स में बदलाव या बीच में ब्लीडिंग

संक्रमण की स्थिति में कुछ महिलाओं को पीरियड्स सामान्य से ज्यादा दर्दनाक या अधिक हो सकते हैं। वहीं पीरियड्स के बीच या संबंध बनाने के बाद रक्तस्राव भी हो सकता है।

4.बुखार और पेशाब करते समय जलन

संक्रमण बढ़ने पर बुखार, कमजोरी या अस्वस्थ महसूस होने जैसी परेशानी हो सकती है। कुछ महिलाओं में पेशाब करते समय जलन या दर्द भी देखा जाता है। हालांकि ये लक्षण दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी हो सकते हैं।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी?

अगर पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द, असामान्य डिस्चार्ज, पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग या बुखार जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। तेज या बढ़ते हुए पेल्विक दर्द, बहुत ज्यादा रक्तस्राव, चक्कर या तेज बुखार जैसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

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