Su-30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण लड़ाकू विमानों में शामिल हैं। इन विमानों ने हाल के अभियानों में लंबी दूरी के हथियारों के साथ अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। अब RVV-BD को शामिल किए जाने से दुश्मन के विमानों और दूसरे महत्वपूर्ण हवाई लक्ष्यों को अधिक दूरी से निशाना बनाने की क्षमता बढ़ सकती है।
6 मैक तक की रफ्तार का दावा
RVV-BD के अलग-अलग संस्करणों को लेकर करीब 6 मैक तक की गति का दावा किया जाता है। ऐसी मिसाइलों का इस्तेमाल खास तौर पर लंबी दूरी के हवाई लक्ष्यों, जिसमें निगरानी और कमांड से जुड़े विमान भी शामिल हैं, के खिलाफ किया जा सकता है।
भारत एक साथ स्वदेशी और विदेशी दोनों विकल्पों पर काम कर रहा है। DRDO की अस्त्र मिसाइल श्रृंखला के नए संस्करणों को भी लंबी दूरी की क्षमता के साथ विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा भारतीय वायुसेना के राफेल विमानों के लिए फ्रांसीसी Meteor मिसाइल भी उसकी हवाई युद्ध क्षमता को मजबूत करती है।
260 से ज्यादा Su-30MKI होंगे और आधुनिक
भारतीय वायुसेना के पास 260 से ज्यादा Su-30MKI विमान हैं। इनकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अलग-अलग अपग्रेड प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इनमें सेंसर, हथियार और दूसरे सिस्टम को आधुनिक बनाने पर जोर है।
साथ ही, Su-30MKI विमानों और उनके AL-31 इंजन के ओवरहॉल से जुड़े प्रोजेक्ट पर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इन बदलावों के बाद भारतीय वायुसेना के इस प्रमुख लड़ाकू बेड़े की ऑपरेशनल क्षमता और मजबूत होने की उम्मीद है।

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