दूध उत्पादन के हिसाब से मिलेगा लाभ
योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गाय से निर्धारित मात्रा में दूध मिलने पर 10 हजार रुपये और अधिक उत्पादन होने पर 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। हरियाणा और गंगातीरी नस्ल के लिए भी दूध उत्पादन के अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। एक पशुपालक अधिकतम दो गायों के लिए इस योजना का लाभ ले सकता है।
कौन उठा सकता है फायदा?
योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के पात्र पशुपालकों को मिलेगा, जिनके पास सरकार द्वारा निर्धारित स्वदेशी नस्ल की गाय है और वह तय दूध उत्पादन मानकों को पूरा करती है। योजना का उद्देश्य देसी नस्लों का संरक्षण करने के साथ दूध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आमदनी को मजबूत करना है।
आवेदन और सत्यापन कैसे होगा?
पशुपालक निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रति संबंधित अधिकारी के कार्यालय में जमा करनी होगी। इसके बाद विभागीय टीम पशु और दूध उत्पादन का सत्यापन करेगी। मानक पूरे होने पर चयनित लाभार्थी के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी।
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