एक छात्रावास पर खर्च होंगे 2.44 करोड़
प्रस्ताव के अनुसार प्रत्येक नए छात्रावास के निर्माण पर करीब 2 करोड़ 44 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। फिलहाल प्रदेश में SC-ST विद्यार्थियों के लिए 139 छात्रावास संचालित हैं, जबकि 60 अन्य छात्रावासों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। नई योजना लागू होने के बाद प्रखंड स्तर पर विद्यार्थियों को रहने और पढ़ाई की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
हर जिले में 100 बेड का छात्रावास
सरकार की योजना प्रत्येक जिले में 100 बेड वाले सावित्री बाई फुले छात्रावास शुरू करने की भी है। इसके लिए अब तक 18 जिलों में जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। इससे विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
मुफ्त पढ़ाई और रहने की सुविधा
बिहार में SC-ST विद्यार्थियों के लिए वर्तमान में 91 आवासीय विद्यालय चल रहे हैं। वहीं 28 नए आवासीय विद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। इन संस्थानों में विद्यार्थियों को रहने और पढ़ाई की सुविधाएं मुफ्त मिलती हैं। यहां पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों ने NEET, JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।
हर महीने मिलते हैं 1000 रुपये
छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को सरकार की ओर से कई सुविधाएं दी जाती हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को हर महीने 15 किलो अनाज मुफ्त दिया जाता है, जिसमें 9 किलो चावल और 6 किलो गेहूं शामिल है। इसके अलावा मुख्यमंत्री छात्रावास अनुदान योजना के तहत 1,000 रुपये प्रतिमाह DBT के जरिए खाते में भेजे जाते हैं। डिजिटल लाइब्रेरी समेत अन्य शैक्षणिक सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है।
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