विदेश भेजना होगा आसान
इस हब में आम, अमरूद, सब्जियों, गेहूं, चावल, दालों और अन्य कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, टेस्टिंग, प्री-कूलिंग और पैकेजिंग की सुविधा मिलेगी। साथ ही क्वारंटीन और गुणवत्ता प्रमाणन जैसी व्यवस्थाएं भी होंगी। इससे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के मानकों के मुताबिक तैयार करना आसान होगा।
समय और लागत दोनों बचेंगे
अभी किसानों और निर्यातकों को अलग-अलग जगहों पर जांच, ट्रीटमेंट और पैकेजिंग जैसी सुविधाएं लेनी पड़ती हैं। नया हब शुरू होने के बाद ये काम एक ही स्थान पर हो सकेंगे। इससे परिवहन और अन्य खर्च कम होने के साथ कृषि उत्पादों को जल्दी विदेश भेजने में मदद मिलेगी।
किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद
जेवर एयरपोर्ट के नजदीक होने का फायदा भी इस परियोजना को मिलेगा। पश्चिमी यूपी के गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए विदेशी बाजारों तक पहुंच आसान हो सकती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश के कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार मिल सकेगा।
किसानों और एक्सपोर्टर्स को एक प्लेटफॉर्म
इस पार्क में किसानों, एफपीओ, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यातकों को एक साथ जोड़ने की व्यवस्था होगी। रिसर्च और ट्रेनिंग की सुविधा के जरिए किसानों तथा कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार करने की जानकारी भी दी जाएगी। इससे यूपी के कृषि उत्पादों की वैश्विक पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है।
.png)
0 comments:
Post a Comment