450 प्रतिनिधियों को मिलेगा प्रशिक्षण
इस अभियान में प्रदेश के 75 जिलों से 450 प्रतिनिधियों का चयन किया गया है। प्रशिक्षण को अलग-अलग बैच में कराया जाएगा, ताकि सभी जिलों से आए प्रतिभागियों को मीना मंच के प्रभावी संचालन की जानकारी दी जा सके। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों के स्कूलों में इसकी गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।
सुरक्षा के साथ नेतृत्व पर भी जोर
कार्यशाला में छात्राओं को बाल सुरक्षा और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों के प्रति जागरूक करने के तरीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही आत्मविश्वास, संवाद क्षमता, निर्णय लेने और नेतृत्व कौशल विकसित करने के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य है कि स्कूलों में बेटियां अपनी बात बेझिझक रख सकें और किसी भी मुश्किल परिस्थिति का सामना करने के लिए जागरूक व आत्मनिर्भर बनें। मीना मंच के विस्तार को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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