इस परियोजना के तहत सड़कों को बेहतर बनाने के साथ अगले 7 साल यानी 84 महीने तक रखरखाव भी किया जाएगा। खराब हिस्सों की मरम्मत, सड़क की मजबूती, दुर्घटनाओं से बचाव के लिए थर्माप्लास्टिक रोड मार्किंग और जरूरत पड़ने पर तत्काल मरम्मत की व्यवस्था रहेगी।
जलजमाव से भी मिलेगी राहत
योजना में सड़कों के साथ जरूरी जगहों पर पुलिया और कलवर्ट बनाने का प्रावधान भी है। इससे बारिश के दौरान जलजमाव और बाढ़ के कारण सड़क को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। बेहतर सड़कों का सीधा फायदा रोजाना सफर करने वाले लोगों, किसानों, कारोबारियों और विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है।
इन प्रमुख सड़कों का होगा कायाकल्प
परियोजना में दिनारा-जलहरा, चौसा-बक्सर, मोहनियां-चौसा, परसथुआ-महावीर स्थान, चौसा-धनसोईं, सरेंजा-कोरानसराय और चौसा गोला-कोचस समेत 17 सड़क खंड शामिल हैं। इन सड़कों की कुल लंबाई अलग-अलग खंडों को मिलाकर करीब 125 किलोमीटर है।
सड़क सुधार के साथ नियमित सफाई, छोटी-मोटी मरम्मत और आपात स्थिति में तत्काल काम कराने की व्यवस्था भी होगी। विभाग ने भूमिगत पाइप और केबल जैसी सुविधाओं को नुकसान से बचाने के लिए खुदाई से पहले निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करने पर भी जोर दिया है।

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