आपको बता दें की चार सितंबर को जारी आदेश के बाद निकायों में प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित पुराने डाटा और अभिलेखों को ई-नगर सेवा पोर्टल पर ट्रांसफर करने का काम शुरू हो गया है। इस प्रक्रिया में करीब 10 से 15 दिन लग सकते हैं।
एक ही पोर्टल पर मिलेंगी कई सुविधाएं
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को प्रॉपर्टी टैक्स के साथ नामांतरण, जलकर और सीवर कर जैसी सेवाएं भी एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी। इससे अलग-अलग सॉफ्टवेयर और प्रक्रियाओं की जरूरत कम होगी।
सरकार का उद्देश्य पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। अधिकारियों के मुताबिक, एकीकृत सरकारी पोर्टल पर डाटा रहने से इसके लीक होने की आशंका भी कम होगी। नागरिकों को भी आगे से संपत्ति कर से जुड़ा काम ई-नगर सेवा पोर्टल के माध्यम से करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार डाटा ट्रांसफर का काम तेजी से चल रहा है। शेष डाटा स्थानांतरित होने के बाद नई ऑनलाइन व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।
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