40 सुखोई पर होगा बड़ा काम
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इन विमानों की मरम्मत और ओवरहॉलिंग का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद पुराने और ज्यादा इस्तेमाल हो चुके विमानों को दोबारा पूरी तरह ऑपरेशनल क्षमता में लाना और उनकी सेवा अवधि को बढ़ाना है।
आपको बता दें की भारतीय वायुसेना के पास करीब 260 Su-30MKI विमान हैं। ये लड़ाकू विमान देश के अलग-अलग रणनीतिक क्षेत्रों में तैनात हैं और एयर सुपीरियरिटी से लेकर लंबी दूरी के हमलों तक कई अहम मिशनों में इस्तेमाल होते हैं।
पहले भी हो चुकी है ओवरहॉलिंग
सुखोई बेड़े को अपग्रेड करने की प्रक्रिया नई नहीं है। पिछले साल भी करीब 20 Su-30MKI को ओवरहॉल के लिए चुना गया था। अब प्रस्तावित संख्या बढ़कर 40 होने से वायुसेना के पुराने विमानों को फिर से मजबूत करने पर जोर साफ दिखाई देता है। 2026 की शुरुआत में भी Su-30 के एयरो-इंजन एग्रीगेट्स के ओवरहॉल को मंजूरी दी गई थी। ऐसे कदमों का उद्देश्य विमानों की सेवा अवधि बढ़ाने के साथ उनकी ऑपरेशनल उपलब्धता बनाए रखना है।
HAL की होगी अहम भूमिका
Su-30MKI के निर्माण और रखरखाव में HAL की बड़ी भूमिका है। इसलिए मौजूदा विमानों के ओवरहॉल और अपग्रेड का काम भी इसी सरकारी कंपनी के जरिए आगे बढ़ने की संभावना है। अगर DAC से प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े की ऑपरेशनल तैयारी को मजबूती मिलेगी। साथ ही पुराने हो रहे विमानों को लंबे समय तक इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।
.jpg)
0 comments:
Post a Comment