7% इंक्रीमेंट का क्या होगा असर?
सालाना इंक्रीमेंट का फायदा सिर्फ उसी साल तक सीमित नहीं रहता। हर बार बढ़ी हुई बेसिक पे पर अगला इंक्रीमेंट जुड़ने से लंबे समय में इसका असर काफी बड़ा हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर 8वें वेतन आयोग में किसी कर्मचारी की शुरुआती बेसिक पे ₹1,02,340 मानी जाए और उस पर 7 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट लागू हो, तो कुछ वर्षों में बेसिक सैलरी 3 फीसदी की दर से कहीं ज्यादा बढ़ सकती है।
दिए गए अनुमान के मुताबिक 10 साल बाद 3 फीसदी इंक्रीमेंट की स्थिति में बेसिक पे करीब ₹1.34 लाख और 7 फीसदी की स्थिति में लगभग ₹1.88 लाख तक पहुंच सकती है। यानी अंतर समय के साथ काफी बड़ा हो सकता है।
10 साल में करीब 29 लाख का अंतर?
इसी अनुमान में 10 वर्षों की कुल बेसिक पे को देखें तो 3 फीसदी और 7 फीसदी इंक्रीमेंट के बीच करीब ₹28.89 लाख का अंतर बताया गया है। हालांकि यह रकम किसी कर्मचारी को एकमुश्त नहीं मिलेगी। यह केवल अलग-अलग इंक्रीमेंट दरों के आधार पर कुल बेसिक पे में बनने वाला अनुमानित अंतर है।
अभी सरकार ने नहीं किया ऐलान
यहां ध्यान देना जरूरी है कि 7 फीसदी इंक्रीमेंट या 2.15 फिटमेंट फैक्टर अभी अंतिम फैसला नहीं है। ये कर्मचारी संगठनों की मांग और अनुमानित गणना का हिस्सा हैं। 8वें वेतन आयोग की ओर से विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से सुझाव लिए जा रहे हैं। अंतिम रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही यह तय होगा कि इंक्रीमेंट और फिटमेंट फैक्टर की वास्तविक दर क्या होगी।

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