पेंशनर्स की बल्ले-बल्ले! 8वें वेतन आयोग में मिल सकता है 5 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के पेंशनर्स की नजरें अब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हैं। आयोग के गठन के बाद पेंशनर संगठनों की ओर से पेंशन में बढ़ोतरी और उम्र के आधार पर अतिरिक्त लाभ समेत कई मांगें रखी जा रही हैं। हालांकि, अभी इन मांगों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, इसलिए संभावित लाभों को सरकारी घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।

1. पेंशन 67% तक करने की मांग

मौजूदा व्यवस्था में सामान्य तौर पर पूर्ण पेंशन अंतिम वेतन/औसत परिलब्धियों के 50% के आसपास निर्धारित होती है। पेंशनर संगठनों ने इसे बढ़ाकर 67% करने का प्रस्ताव दिया है। कुछ संगठनों ने परिवार पेंशन को मौजूदा 30% से बढ़ाकर 50% करने की भी मांग रखी है।

2. 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव

NC-JCM की ओर से 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी गई है और पेंशनर्स के लिए भी कर्मचारियों के समान फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसी प्रस्ताव में न्यूनतम बेसिक पे ₹69,000 करने की मांग भी शामिल है। हालांकि, यह आयोग के सामने रखा गया प्रस्ताव है, सरकार द्वारा स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर नहीं।

3. कम्यूटेशन की अवधि 15 से 11 साल करने की मांग

फिलहाल पात्र केंद्रीय कर्मचारी अपनी बेसिक पेंशन का अधिकतम 40% हिस्सा कम्यूट करके एकमुश्त राशि ले सकते हैं और कम्यूटेड हिस्से की बहाली 15 साल बाद होती है। पेंशनर संगठनों ने इस अवधि को घटाकर 11 साल करने की मांग की है।

4. मेडिकल अलाउंस में बड़ा इजाफा

पेंशनर संगठनों ने Fixed Medical Allowance यानी FMA बढ़ाने की मांग भी की है। AIFPA ने इसे ₹5,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव रखा है। संगठन का कहना है कि इसे महंगाई के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए। फिलहाल यह भी केवल मांग है, अंतिम मंजूरी नहीं।

5. उम्र बढ़ने के साथ अतिरिक्त पेंशन

मौजूदा व्यवस्था में 80 वर्ष की उम्र पूरी होने पर अतिरिक्त पेंशन 20% से शुरू होती है और आगे उम्र के साथ इसमें बढ़ोतरी होती है। पेंशनर संगठनों ने उम्र आधारित पेंशन बढ़ोतरी को और बेहतर बनाने की मांग की है। कुछ प्रस्तावों में 90 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए अंतिम वेतन के 100% तक पेंशन बढ़ाने की बात भी रखी गई है।

क्या है सबसे अहम?

8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को कई तरह की उम्मीदें हैं, लेकिन फिटमेंट फैक्टर, नई बेसिक पेंशन, DR, मेडिकल अलाउंस और कम्यूटेशन अवधि पर अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही साफ होगी। इसलिए अभी सामने आ रहे आंकड़ों को संभावित अनुमान और पेंशनर संगठनों की मांग के तौर पर ही देखना बेहतर है।

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