विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. समीर कुमार शर्मा की ओर से इस संबंध में सभी अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों तथा पीजी विभागाध्यक्षों को पत्र भेजा गया है। निर्देश के मुताबिक पात्र विद्यार्थियों से नामांकन के नाम पर शुल्क नहीं लिया जाएगा।
नकद फीस लेने पर रोक
विश्वविद्यालय ने यह भी साफ किया है कि कॉलेजों और पीजी विभागों में किसी भी तरह का शुल्क नकद नहीं लिया जाएगा। सामान्य वर्ग के छात्रों से लिया जाने वाला निर्धारित अन्य शुल्क संस्थान के अधिकृत बैंक खाते या ऑनलाइन QR कोड के जरिए जमा कराया जाएगा।
पहले ली गई फीस भी लौटेगी
पिछले सत्रों में यदि किसी छात्रा या SC-ST विद्यार्थी से गलती से नामांकन शुल्क वसूल लिया गया है तो उसे वापस करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय की ओर से सरकार को राशि की प्रतिपूर्ति का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने के बाद संबंधित विद्यार्थियों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से राशि भेजी जा सकती है।
इस फैसले से छात्राओं और SC-ST विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलने के साथ नामांकन के दौरान फीस को लेकर होने वाले विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।

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