विशेषज्ञों के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर लगभग 1.92 रहने की संभावना है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जिसके आधार पर 7वें वेतन आयोग की बेसिक पे को बढ़ाकर नई बेसिक पे तय की जाती है। इसका मतलब है कि ₹21,700 बेसिक पे वाले कर्मचारी की नई बेसिक सैलरी ₹41,664 तक पहुंच सकती है।
HRA और TA में भी होगी बढ़ोतरी
नई बेसिक पे के साथ कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) भी मिलेगा। मेट्रो शहरों (X-कैटेगरी) में HRA की दर 30% मानकर, कर्मचारियों को ₹12,499 प्रति माह HRA मिलेगा। इसके अलावा, लेवल-3 से 8 तक के कर्मचारियों के लिए उच्च श्रेणी के शहरों में यात्रा भत्ता ₹3,600 निर्धारित किया गया है। इन सभी भत्तों को मिलाकर ग्रॉस सैलरी लगभग ₹57,763 प्रति माह होगी।
कटौतियाँ और नेट सैलरी
नई बेसिक पे का 10% NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में कटेगा, यानी ₹4,166, और CGHS (सर्विस हेल्थ स्कीम) के लिए ₹250 कटौती होगी। इस तरह, कटौतियों के बाद लेवल-3 कर्मचारी की नेट सैलरी लगभग ₹53,347 प्रति माह होगी।
DA में बड़ा बदलाव
8वें वेतन आयोग में महंगाई भत्ता (DA) को शून्य से रीसेट किया जा सकता है। इसका मतलब है कि पुराने DA का जोड़ अब ग्रॉस सैलरी में नहीं होगा, लेकिन नई बेसिक पे और भत्तों के कारण कुल वेतन में बढ़ोतरी पहले से ज्यादा होगी।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद लेवल-3 कर्मचारियों की सैलरी लगभग दोगुनी के करीब हो जाएगी। इससे न केवल कर्मचारियों की जीवनशैली बेहतर होगी, बल्कि सरकारी सेवा में नई प्रेरणा भी मिलेगी। हालांकि ये अभी अनुमान हैं और पूरी जानकारी सरकार के घोषणा के बाद ही सामने आएगी।

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