योगी सरकार का एक बड़ा कदम: किसानों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए योगी सरकार ने एक अहम और क्रांतिकारी फैसला लिया है। अब ई-केसीसी (डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड) के जरिए किसानों को बैंक लोन पाने के लिए हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जहां पहले किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण मिलने में 25 दिन से लेकर एक महीने तक का समय लगता था, वहीं अब डिजिटल व्यवस्था के चलते सिर्फ पांच मिनट में ऋण स्वीकृत हो रहा है।

कृषि ऋण में बड़ा इजाफा

सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का कृषि ऋण लक्ष्य 3 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में करीब 13 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि सरकार कृषि क्षेत्र को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानकर आगे बढ़ रही है।

डिजिटल गवर्नेंस से बदली तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के तहत सहकारी संस्थाओं में डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों को अपनाया गया है। इसका सीधा लाभ किसानों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो विश्व बैंक के साथ मिलकर एग्री-टेक के क्षेत्र में काम कर रहा है।

सहकारिता क्षेत्र में आया बड़ा बदलाव

योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा कि उस समय सहकारिता क्षेत्र पर माफियाओं का दबदबा था। रिजर्व बैंक ने 16 जिला सहकारी बैंकों को डिफॉल्टर घोषित कर बंद करने का आदेश दिया था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। इनमें से 15 बैंक मुनाफे में आ चुके हैं, जबकि शेष एक को भी लाभ में लाने की दिशा में काम हो रहा है।

एफपीओ से मजबूत हो रही कृषि अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री ने किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की भूमिका को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में एफपीओ और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर का प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली रहा। इससे साफ है कि किसान अब सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग में भी आगे बढ़ रहे हैं।

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