पशुपालकों को सीधा लाभ
इन पशु औषधि केंद्रों के शुरू होने से पशुपालकों को अब इलाज के लिए दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। पशुओं के लिए जरूरी दवाएं उचित दरों पर स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। इससे न केवल इलाज का खर्च घटेगा, बल्कि समय पर उपचार मिलने से पशुधन की सेहत भी बेहतर रहेगी।
आवेदन के लिए जरूरी शर्तें
लखनऊ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें तय की गई हैं। आवेदक को फार्मासिस्ट का नाम और उसका वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र, दुकान के लिए कम से कम 120 वर्ग फुट स्थान का प्रमाण, ड्रग सेल लाइसेंस का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
पशु औषधि केंद्र स्थापित करने के इच्छुक अभ्यर्थियों को 5,000 रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और समय की बचत हो। इच्छुक आवेदक संबंधित पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
प्राथमिकता किसे मिलेगी?
डॉ. सुरेश कुमार के अनुसार, इस योजना में प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियों से जुड़े योग्य लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना को भारत सरकार के पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के तहत लागू किया जाएगा।
पशुपालन बनेगा ज्यादा लाभकारी
सरकार का मानना है कि समय पर सस्ती दवाओं की उपलब्धता से पशुओं की मृत्यु दर घटेगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और पशुपालकों की आय में सुधार होगा। यह कदम डेयरी, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
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