बिहार में मुखिया-सरपंच के लिए खुशखबरी, आदेश जारी

पटना। बिहार में पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े जनप्रतिनिधियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुखिया, सरपंच और ग्राम कचहरी के प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य के गृह विभाग ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए आवेदन प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने का आदेश दिया है।

गृह विभाग ने इस बाबत राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र भेजकर आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग ने अपने पत्र में पिछले वर्ष जून में जारी निर्देशों का भी उल्लेख किया है और स्पष्ट किया है कि तय समय-सीमा का पालन अनिवार्य है।

30 दिनों में होगा निर्णय

गृह विभाग के अनुसार, आयुध नियम, 2016 में शस्त्र अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के लिए समय-सीमा पहले से तय है। आमतौर पर शस्त्र लाइसेंस के आवेदन पर 30 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाना चाहिए। इस अवधि में पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस प्राधिकारी को यह स्पष्ट करना होगा कि लाइसेंस स्वीकृत किया जा रहा है या अस्वीकृत, और इसका लिखित आदेश जारी करना अनिवार्य होगा।

लंबे समय से उठ रही थी मांग

राज्य में पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े करीब ढाई लाख जनप्रतिनिधि कार्यरत हैं। इनमें बड़ी संख्या पंचायत और ग्राम कचहरी से जुड़े उन प्रतिनिधियों की है, जो लंबे समय से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग कर रहे थे। कई मामलों में आवेदन लंबित रहने से जनप्रतिनिधियों में असंतोष भी देखा जा रहा था।

प्रशासनिक सुस्ती पर लगेगी लगाम

गृह विभाग के इस आदेश को प्रशासनिक स्तर पर देरी और अनावश्यक अड़चनों पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब जिलों में शस्त्र लाइसेंस से जुड़े मामलों को लंबित रखना आसान नहीं होगा और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर निर्णय लेना होगा।

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