इस अहम परियोजना के लिए स्पेन की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कंपनी AYESA को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी ने 15.90 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली लगाकर यह ठेका हासिल किया है। AYESA सिविल, आर्किटेक्चरल और इलेक्ट्रिकल डिजाइन से जुड़ा पूरा खाका तैयार करेगी। अधिकारियों के अनुसार, डिजाइन का काम पूरा होते ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
5,801 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर
लखनऊ मेट्रो का यह नया ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर करीब 5,801 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। यह कॉरिडोर चारबाग रेलवे स्टेशन से वसंत कुंज तक बनेगा और शहर के पूर्वी व पश्चिमी हिस्सों को सीधे जोड़ेगा। केंद्र सरकार ने अगस्त 2025 में इस परियोजना को मंजूरी दी थी, जिसके बाद से UPMRC इसकी तैयारियों में जुटा हुआ था।
कितना लंबा होगा कॉरिडोर और कैसी होगी संरचना
यह कॉरिडोर कुल 11.165 किलोमीटर लंबा होगा। पुराने लखनऊ की घनी आबादी, संकरी गलियों और ऐतिहासिक इमारतों को ध्यान में रखते हुए इसका बड़ा हिस्सा भूमिगत रखा गया है। इस मेट्रो का 6.879 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड, जबकि 4.286 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा। यह डिजाइन पुराने शहर की विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक परिवहन सुविधा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
इस कॉरिडोर में 12 नए मेट्रो स्टेशन होंगे तैयार
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर कुल 12 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। जिसमे 7 अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे, चारबाग, गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक। जबकि 5 एलिवेटेड स्टेशन होंगे ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसा बाग और वसंत कुंज। यह कॉरिडोर अमीनाबाद, चौक और यहियागंज जैसे प्रमुख व्यापारिक इलाकों के साथ-साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों को भी जोड़ेगा।
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