कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: 2026 में औसत सैलरी बढ़ेगी 9.1%

नई दिल्ली। भारतीय कॉर्पोरेट दुनिया में नौकरीपेशा लोगों के लिए एक उत्साहजनक संकेत सामने आया है। प्रमुख परामर्श फर्म ईवाई इंडिया (EY India) की हालिया रिपोर्ट ‘फ्यूचर ऑफ पे’ के अनुसार, 2026 में भारतीय कंपनियों में औसत वेतन वृद्धि 9.1 प्रतिशत रहने की संभावना है। यह दर्शाता है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का बिजनेस और अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है।

कौन से सेक्टर होंगे सबसे आगे?

रिपोर्ट में सेक्टरवार विश्लेषण भी किया गया है। इसके मुताबिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) सबसे तेज़ वेतन वृद्धि के साथ आगे रहेंगे, जहाँ 10.4 प्रतिशत बढ़ोतरी होने का अनुमान है। वहीं, वित्तीय सेवाओं में लगभग 10 प्रतिशत, ई-कॉमर्स में 9.9 प्रतिशत, और फार्मास्युटिकल्स एवं जीवन विज्ञान क्षेत्र में 9.7 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिल सकती है। रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भी दहाई अंक में वेतन बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे कर्मचारियों के लिए अवसर और लाभ बढ़ेंगे।

कौशल और प्रदर्शन होंगे नए मानक

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अब कंपनियां केवल पद और अनुभव पर आधारित पारंपरिक वेतन ढांचे को पीछे छोड़ रही हैं। 50 प्रतिशत कंपनियां अब कौशल-आधारित वेतन प्रणाली अपना रही हैं। डिजिटल और तकनीकी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को विशेष लाभ मिलेगा। AI, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा जैसे कौशलों के लिए कंपनियां 30 से 40 प्रतिशत तक प्रीमियम देने को तैयार हैं।

नौकरी छोड़ने की दर में कमी

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कर्मचारियों का व्यवहार बदल रहा है। नौकरी छोड़ने की दर 2024 में 17.5 प्रतिशत से घटकर 2025 में 16.4 प्रतिशत रह गई है। ज्यादातर कर्मचारी अपने करियर और बेहतर अवसर के लिए ही बदलाव कर रहे हैं, न कि किसी दबाव में।

विशेषज्ञ की राय

ईवाई इंडिया के विशेषज्ञ अभिषेक सेन ने कहा कि अब वेतन वृद्धि केवल प्रतिशत पर आधारित नहीं रहेगी। कंपनियां रणनीतिक रूप से यह तय करेंगी कि किन कौशलों में निवेश करना है और किन प्रदर्शन के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन देना है।

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