छात्रवृत्ति 2250 से बढ़कर 3000 रुपये
अब पिछड़े वर्ग के कक्षा 9-10 के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति 2250 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है। इससे हजारों परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा और विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2026-27 में करीब 38 लाख छात्र-छात्राएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
आय सीमा में भी बढ़ोतरी
छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ पाने के लिए अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा पहले 2 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे अधिक परिवार योजना के दायरे में आएंगे और पात्र छात्रों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में सुधार
राज्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 से यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी पात्र छात्र भुगतान से वंचित न रहे। पहले छात्रवृत्ति का वितरण 31 मार्च को, यानी वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन होता था। अब सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए 25 सितंबर से ही छात्रवृत्ति वितरण शुरू कर दिया है। अब तक लगभग 20 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा चुकी है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को समय पर आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में कदम
छात्रवृत्ति राशि और आय सीमा में यह वृद्धि शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को इससे पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी और स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का यह फैसला सामाजिक न्याय और शैक्षिक समानता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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