OBC आरक्षण पर अटका है पूरा मामला
हालांकि, पंचायत चुनाव के समय को लेकर एक अहम अड़चन है। पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC आयोग) के गठन और आरक्षण तय करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। योगी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को आश्वस्त किया है कि इस कमीशन को जल्द बनाया जाएगा। राजनीतिक और प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यदि OBC आरक्षण और कमीशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो पंचायत चुनाव संभवतः विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे।
पंचायत चुनाव का समय और कार्यकाल
उत्तर प्रदेश में पिछली बार पंचायत चुनाव 2021 में हुए थे। ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 26 मई 2026 को खत्म हो जाएगा। यदि चुनाव अप्रैल से जून के बीच नहीं होते हैं, तो प्रशासन को ग्राम पंचायतों का संचालन करने के लिए अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त करना पड़ सकता है। इसके साथ ही 6 महीने के भीतर चुनाव कराने का दबाव बढ़ जाएगा।
राजनीतिक पार्टियों का रुख
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि वर्तमान हालात में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसी प्रमुख पार्टियां भी समय पर चुनाव कराने के पक्ष में नहीं हैं। मंत्रियों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव कराने से ग्रामीण स्तर पर राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस मुद्दे पर सरकार और पार्टियों के बीच सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है कि पंचायत चुनाव को टाला जा सकता है। अब देखना होगा की सरकार इसपर क्या फैसला लेती हैं।

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