8वें वेतन आयोग से क्या चाहते हैं कर्मचारी? पुरानी पेंशन पर हुंकार

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के बड़े संगठन 25 फरवरी 2026 को दिल्ली में होने वाली नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की अहम बैठक में जुटने जा रहे हैं। इस बैठक में 8वें वेतन आयोग को लेकर विभिन्न संगठनों की मांगों पर विस्तृत चर्चा होगी और एक साझा ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जिसे आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा। ड्राफ्टिंग कमेटी की अध्यक्षता शिव गोपाल मिश्रा कर रहे हैं।

यह बैठक केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि वेतन संरचना, प्रमोशन नीति, पेंशन और चिकित्सा सुविधाओं जैसे कई बुनियादी मुद्दों को भी समेटे हुए है।

प्रमुख मांगें क्या हैं?

1. फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी

कई संगठनों की ओर से 3.2 से 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की जा रही है। उनका तर्क है कि इससे बेसिक वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और महंगाई के प्रभाव को संतुलित किया जा सकेगा।

2. सालाना वेतन वृद्धि

वर्तमान 3% वार्षिक इंक्रीमेंट की जगह 7% सालाना वृद्धि या साल में दो बार वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती जीवन-यापन लागत को देखते हुए मौजूदा वृद्धि दर पर्याप्त नहीं है।

3. परिवार इकाई का विस्तार

न्यूनतम वेतन तय करने के लिए परिवार इकाई को 3 से बढ़ाकर 5 सदस्य करने की मांग उठाई गई है। इसमें माता-पिता को भी शामिल करने का सुझाव है। संगठनों का दावा है कि ऐसा करने से बेसिक वेतन में लगभग 60-65% तक सुधार संभव है।

4. लीव एन्कैशमेंट सीमा में बढ़ोतरी

रिटायरमेंट के समय अवकाश नकदीकरण की सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने की मांग की गई है, ताकि कर्मचारियों को सेवा के अंत में बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

5. मेडिकल सुविधाएं

जहां Central Government Health Scheme (CGHS) की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव रखा गया है। संगठनों का कहना है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मौजूदा राशि बेहद कम है।

प्रमोशन और वेतन संरचना पर जोर

कर्मचारी प्रतिनिधियों का मानना है कि अलग-अलग स्तरों के कर्मचारियों के बीच वेतन अंतर बना रहना चाहिए, लेकिन प्रमोशन नीति स्पष्ट और समान होनी चाहिए। कुछ विभागों में त्वरित पदोन्नति और अन्य में वर्षों तक ठहराव की स्थिति को असमानता बताया गया है। समयबद्ध आधार पर 30 वर्ष की सेवा में कम से कम पांच सुनिश्चित प्रमोशन देने का सुझाव भी सामने आया है।

पेंशन और अन्य भत्तों से जुड़ी मांगें

रक्षा कर्मचारी संगठनों ने नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग दोहराई है। इसके अलावा, बच्चों की शिक्षा भत्ता को पोस्ट ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल कोर्स तक बढ़ाने तथा तकनीकी जरूरतों जैसे इंटरनेट खर्च को वेतन निर्धारण में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।

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