यूपी में अब ये जमीन वापस लेगी सरकार, तैयारी शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहरों में आवासीय और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब सरकार सालों से बंद पड़े केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमि वापस लेगी और उसे पुन: इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराएगी।

राज्य सरकार की योजना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जिम्मेदारी को ‘स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन’ को सौंपी है। कमीशन प्रदेश भर से ऐसी बंद उपक्रम भूमि का ब्योरा एकत्र करने में जुट गया है। शहरों में मिली भूमि पर मिश्रित उपयोग की अनुमति होगी, यानी आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार के प्रोजेक्ट बनाए जा सकेंगे। शहरों के बाहर की भूमि को औद्योगिक विकास के लिए दिया जाएगा।

केंद्र से मिली भूमि का हाल

उत्तर प्रदेश में लंबे समय से बंद कई सार्वजनिक उपक्रमों की भूमि अब राज्य के पास वापस आ रही है। इनमें शामिल हैं: कानपुर: एनटीसी म्योर मिल – 1,78,304 वर्ग मीटर, विक्टोरिया मिल – 1,28,504 वर्ग मीटर, टैफ्को लाल इमली वूलेन मिल – 8,98,706 वर्ग मीटर। 

प्रयागराज: त्रिवेणी स्ट्रक्चरल्स लि. – 321 एकड़, भारत पम्पस एंड कंप्रेसर्स लि. – 295 एकड़, अन्य जिलों से भी रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा है। कमीशन ने सभी जिलों के डीएम और मंडलायुक्तों को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। जिन भूमि का उपयोग लंबे समय से नहीं हो रहा, उन्हें राज्य के पास वापस लाकर विकसित किया जाएगा।

भूमि वापसी से क्या लाभ होगा?

राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

नई परियोजनाओं और उद्योगों से रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

यह कदम वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में सहायक होगा।

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