कर्मचारी पेंशन योजना: 50 साल से पहले पेंशन लेने के नियम और प्रक्रिया

नई दिल्ली। यदि आप प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे हैं और आपकी सैलरी से EPF कटता है, तो रिटायरमेंट के बाद आपको मासिक पेंशन लेने का अधिकार भी मिलता है। यह पेंशन कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत दी जाती है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। इसके अलावा यह जानना भी आवश्यक है कि कितने साल काम करने पर पेंशन मिलेगी, कब से पेंशन शुरू होगी और बीच में नौकरी बदलने पर क्या नियम लागू होंगे।

EPS पेंशन पाने की न्यूनतम सेवा अवधि

EPS के तहत पेंशन का लाभ पाने के लिए कम से कम 10 साल तक EPF में योगदान देना अनिवार्य है। यदि यह अवधि पूरी नहीं होती, तो आप जमा राशि निकाल सकते हैं, लेकिन पेंशन का हकदार नहीं बनेंगे। पेंशन 58 साल की उम्र से शुरू होती है। यदि कोई कर्मचारी कार्यकाल के दौरान या बाद में निधन हो जाता है, तो यह पेंशन उसके परिवार या नामांकित सदस्य को मिलती है।

रिटायरमेंट के बाद पेंशन की प्रक्रिया

58 साल की उम्र पूरी होने पर पेंशन प्राप्त करने के लिए EPFO में Form 10D भरकर जमा करना होता है। कुछ परिस्थितियों में Form 10C या कंपोजिट क्लेम फॉर्म भी आवश्यक हो सकता है। पेंशन के प्रकार इस प्रकार हैं: सामान्य रिटायरमेंट पेंशन, समय से पहले कम दर वाली पेंशन, विकलांगता पेंशन, परिवार या नॉमिनी पेंशन

50 साल की उम्र में पेंशन लेना

EPS के तहत आप 50 साल की उम्र के बाद पेंशन शुरू कर सकते हैं, लेकिन इसमें कटौती लागू होती है:

55 साल पर शुरू करने पर 12% की कटौती

52 साल पर शुरू करने पर 24% की कटौती

50 साल से कम उम्र में पेंशन नहीं मिलती

इसका मतलब है कि जितनी जल्दी पेंशन ली जाएगी, उतनी अधिक कटौती होगी।

नौकरी बीच में छोड़ने पर स्थिति

यदि आपने 10 साल की सेवा पूरी कर ली है और नौकरी बीच में बदलते हैं, तो नई नौकरी में पेंशन स्कीम सर्टिफिकेट जमा कराना जरूरी है। इससे आपकी पुरानी पेंशन सेवा नई नौकरी में जोड़ दी जाएगी। यदि आप 50 साल से पहले नौकरी छोड़ देते हैं, तो पेंशन केवल 58 साल की उम्र के बाद शुरू होगी।

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