यह अभियान केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना और राष्ट्रीय पेंशन योजना–ट्रेडर्स को ज़मीन पर प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
दो चरणों में चल रहा पंजीयन अभियान
सरकार ने पंजीयन को आसान बनाने के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया है।
पहला चरण: शहरी क्षेत्रों में 15 फरवरी तक
दूसरा चरण: ग्रामीण क्षेत्रों में 16 फरवरी से 15 मार्च तक
किन श्रमिकों को मिलेगा योजना का लाभ?
प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना खास तौर पर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए है। इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। आयु 18 से 40 वर्ष के बीच हो, मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम हो, ईपीएफ, ईएसआईसी या नई पेंशन योजना का सदस्य न हो, आयकरदाता न हो।
इस योजना के दायरे में रिक्शा चालक, फेरीवाले, घरेलू कामगार, खेतिहर मजदूर, निर्माण श्रमिक, ईंट-भट्ठा मजदूर, मोची, धोबी, कूड़ा बीनने वाले, बीड़ी मजदूर, हथकरघा और चमड़ा उद्योग से जुड़े श्रमिक, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता, मनरेगा मजदूर समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं।
छोटे व्यापारियों के लिए भी पेंशन की सुविधा
स्वरोजगार से जुड़े छोटे व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय पेंशन योजना–ट्रेडर्स के तहत पंजीयन की सुविधा दी गई है। इसके अंतर्गत वे व्यापारी शामिल हैं, जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से कम है। जैसे दुकान मालिक, खुदरा व्यापारी, चावल व तेल मिल मालिक, वर्कशॉप संचालक, कमीशन एजेंट, छोटे रियल एस्टेट एजेंट, होटल और रेस्टोरेंट के छोटे संचालक। इन व्यापारियों को भी 60 वर्ष की आयु के बाद हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन मिलेगी।
कैसे कराएं पंजीयन?
इच्छुक श्रमिक और व्यापारी https://maandhan.in पोर्टल के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज हैं, आधार कार्ड, बैंक बचत खाता, मोबाइल नंबर, नामिनी के रूप में परिवार के सदस्य का आधार कार्ड।
अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने पात्र श्रमिकों और छोटे व्यापारियों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाएं और समय रहते पंजीयन कराकर अपने भविष्य को सुरक्षित करें। उन्होंने कहा कि यह योजना उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो जीवनभर मेहनत करते हैं लेकिन बुढ़ापे में आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं होता।

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