फिटमेंट फैक्टर से तय होगी नई बेसिक
वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर वह आधार होता है, जिससे पुरानी बेसिक सैलरी को नई संरचना में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था। 8वें वेतन आयोग को लेकर विशेषज्ञों के बीच अलग-अलग अनुमान हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से 1.92 फिटमेंट फैक्टर को अधिक संभावित माना जा रहा है। अगर इसी फैक्टर को आधार बनाया जाए, तो ₹18,000 की मौजूदा बेसिक बढ़कर करीब ₹34,560 हो सकती है। यही नई बेसिक आगे चलकर सभी भत्तों की गणना का आधार बनेगी।
HRA और TA से बढ़ेगी कुल सैलरी
नई बेसिक के साथ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी बढ़ोतरी होगी। मेट्रो या X श्रेणी के शहरों में कार्यरत कर्मचारियों को बेसिक का लगभग 27 प्रतिशत HRA मिलने की संभावना है, जो नई संरचना में करीब ₹9,300 से अधिक बैठता है। इसके अलावा, बड़े शहरों में काम करने वाले कर्मचारियों को यातायात भत्ता (TA) भी मिलेगा, जो मौजूदा ढांचे के समान रहने की संभावना है।
DA क्यों होगा शून्य से शुरू?
जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, तो महंगाई भत्ता (DA) को रीसेट कर दिया जाता है। यानी शुरुआत में DA शून्य माना जाता है। इसके बाद महंगाई दर के आधार पर हर छह महीने में इसमें इजाफा होता है। इसलिए शुरुआती महीनों में DA न मिलने के बावजूद कर्मचारियों को भविष्य में इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
कुल ग्रॉस सैलरी कितनी बन सकती है?
अगर नई बेसिक, HRA और TA को जोड़ा जाए, तो ₹18,000 बेसिक वाले कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी लगभग ₹45,000 के आसपास पहुंच सकती है। हालांकि शुरुआती दौर में DA शामिल नहीं होगा, लेकिन जैसे-जैसे DA बढ़ेगा, टेक-होम सैलरी भी तेज़ी से ऊपर जाएगी।
कब लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
सरकारी संकेतों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2027 के मध्य तक तैयार हो सकती हैं। इसके बाद मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने पर इसे 2028 से लागू किया जा सकता है, हालांकि प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है। ऐसे में कर्मचारियों को एरियर मिलने की भी संभावना है।

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