यूपी में संविदा कर्मियों को खुशखबरी, मानदेय 10% तक बढ़ा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना से जुड़े संविदा कर्मचारियों और सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में संविदा कार्मिकों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि, अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने और विद्यार्थियों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

संविदा कर्मियों का मानदेय 10 प्रतिशत बढ़ा

बैठक में मिड-डे मील प्राधिकरण में कार्यरत सिस्टम एनालिस्ट, मंडल समन्वयक, जिला समन्वयक और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित विभिन्न संविदा कर्मचारियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। खास बात यह है कि वर्ष 2016 के बाद पहली बार इन कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की गई है।

अधिकतम आयु सीमा भी बढ़ाई गई

सरकार ने संविदा कर्मचारियों के लिए सेवा अवधि से जुड़ा बड़ा फैसला भी लिया है। अब सिस्टम एनालिस्ट, समन्वयक, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य संविदा कार्मिक 60 वर्ष की आयु तक कार्य कर सकेंगे। इसके अलावा विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि रसोइये शिक्षकों की तरह पूरे शैक्षणिक सत्र तक कार्य करेंगे और नए सत्र से पहले आवश्यकतानुसार नए रसोइयों का चयन किया जाएगा।

विद्यार्थियों को मिलेगा सूजी का हलवा

पीएम पोषण योजना के तहत पढ़ने वाले बच्चों को अब अतिरिक्त पौष्टिक भोजन भी मिलेगा। अक्टूबर 2026 से जनवरी 2027 तक प्रत्येक शुक्रवार विद्यार्थियों को सूजी का हलवा परोसा जाएगा। कुल 14 विद्यालय दिवसों में सात दिन मीठा और सात दिन नमकीन हलवा दिया जाएगा, ताकि बच्चों को स्वाद के साथ बेहतर पोषण भी मिल सके।

रसोइयों को भी मिलेगा अतिरिक्त भुगतान

हलवा तैयार करने के लिए विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को प्रति छात्र प्रति कार्य दिवस ₹2 अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाएगा। इससे भोजन तैयार करने में आने वाले अतिरिक्त श्रम और लागत की भरपाई हो सकेगी।

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