शनिवार को हाफ-डे करने पर होगा फैसला
विधान परिषद में कई सदस्यों ने शनिवार को स्कूलों में आधे दिन की पढ़ाई फिर से शुरू करने की मांग उठाई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों और शिक्षकों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार एक सप्ताह के भीतर इस विषय पर बैठक कर निर्णय लेगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि नई व्यवस्था से पढ़ाई की गुणवत्ता भी बनी रहे और विद्यार्थियों व शिक्षकों को भी सुविधा मिले।
नई शिक्षा नीति का दिया गया हवाला
सदन में चर्चा के दौरान सदस्यों ने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि दो शनिवार अवकाश और शेष दो शनिवार सीमित समय तक कक्षाएं चलाने का प्रावधान है। उनका मानना था कि इसी व्यवस्था के अनुरूप राज्य में भी स्कूलों का संचालन किया जाना चाहिए। इस दौरान शिक्षा विभाग के कुछ दस्तावेजों में हुई तकनीकी त्रुटियों की ओर भी सदस्यों ने ध्यान आकर्षित किया।
स्कूलों के नाम नहीं बदले जाएंगे
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी सरकारी स्कूल का नाम बदलने का कोई फैसला नहीं लिया है। जिन विद्यालयों का नाम किसी महापुरुष, स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी या दानदाता के नाम पर है, वे पहले की तरह ही बने रहेंगे। सरकार की ओर से केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कुछ नए शैक्षणिक मॉडल लागू किए जा रहे हैं, लेकिन इससे स्कूलों के नाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
551 स्कूलों में लागू होगा नया शैक्षणिक मॉडल
राज्य सरकार ने नौवीं से बारहवीं कक्षा तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 551 सरकारी स्कूलों में एक नए शैक्षणिक मॉडल को लागू करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का कहना है कि यह पहल केवल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है और इससे किसी विद्यालय की ऐतिहासिक पहचान या नाम में बदलाव नहीं किया जाएगा।

0 comments:
Post a Comment