केंद्र सरकार ने दी 2 परियोजनाओं को मंजूरी, पढ़ें पूरी डिटेल्स

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन फैसलों का उद्देश्य रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाना, माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाना और देश के रसायन उद्योग को नई दिशा देना है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

रेलवे परियोजना को मिली हरी झंडी

कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रेल मार्ग के विस्तार को मंजूरी दी है। इसके तहत बेल्लारी-गुंटकल रेल सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 1,264 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई लाइनों के बनने से इस रूट पर मालगाड़ियों की आवाजाही आसान होगी और माल ढुलाई क्षमता में लगभग 16 मिलियन टन की वृद्धि होने का अनुमान है।

रोजगार-पर्यावरण को भी होगा लाभ

रेलवे परियोजना के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। अनुमान है कि इस कार्य से करीब 31 लाख मानव-दिवस का रोजगार सृजित होगा। इसके अलावा, रेल परिवहन को बढ़ावा मिलने से सड़क परिवहन पर दबाव कम होगा, जिससे ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की संभावना है।

हॉस्पेट-हुबली रेल लाइन पर भी तैयारी

सरकार ने जानकारी दी है कि हॉस्पेट से हुबली तक रेल लाइन के विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी तैयार की जा रही है। इससे भविष्य में इस क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत हो सकेगी।

'भव्य रसायन' योजना को मंजूरी

रेल परियोजना के साथ-साथ केंद्र सरकार ने देश के रसायन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 'भव्य रसायन' नामक नई योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर अगले पांच वर्षों में 3,030 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य भारत में आधुनिक रसायन उद्योग का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे घरेलू उत्पादन बढ़े और आयात पर निर्भरता कम हो।

बनेंगे आधुनिक केमिकल पार्क

नई योजना के तहत देश में तीन आधुनिक प्लग-एंड-प्ले केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में उद्योगों के लिए साझा बुनियादी ढांचा, सुरक्षा व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक पार्क के विकास के लिए सरकार 1,000 करोड़ रुपये तक की सहायता देगी। इससे नए निवेश आकर्षित होने और रसायन क्षेत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

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