यूपी में खुलेंगे 18 आयुर्वेद कॉलेज! इन जिलों के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में 18 आयुर्वेद गुरुकुलम कॉलेज स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ाते हुए निजी क्षेत्र से आवेदन आमंत्रित कर दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को कम उम्र से ही संस्कृत, वेद, दर्शन और आयुर्वेद की समग्र शिक्षा उपलब्ध कराना है। सबसे खास बात यह है कि इन गुरुकुलम से आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को BAMS में प्रवेश के लिए NEET परीक्षा नहीं देनी होगी।

खुलेंगे 18 आयुर्वेद गुरुकुलम

नई योजना के तहत उत्तर प्रदेश में कुल 18 आयुर्वेद गुरुकुलम स्थापित किए जाएंगे। इनमें 5 सरकारी और 13 पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित होंगे। सभी संस्थान केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (CSU) से संबद्ध रहेंगे और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा प्रदान करेंगे।

कक्षा 10 के बाद मिलेगा प्रवेश

इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए छात्रों को केवल कक्षा 10 उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा। प्रवेश के बाद विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा, वेद, दर्शन और आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान की चरणबद्ध शिक्षा दी जाएगी। पूरा पाठ्यक्रम लगभग साढ़े सात वर्ष का होगा, जिसके सफल समापन पर छात्रों को बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) की डिग्री प्रदान की जाएगी।

बिना NEET मिलेगा BAMS का मौका

वर्तमान व्यवस्था में BAMS में प्रवेश के लिए NEET परीक्षा और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। लेकिन आयुर्वेद गुरुकुलम की इस नई व्यवस्था में विद्यार्थी सीधे निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा करके BAMS की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन छात्रों को बड़ा अवसर मिलेगा जो शुरुआती स्तर से ही आयुर्वेद के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

संस्कृत के साथ आधुनिक आयुर्वेद शिक्षा

गुरुकुलम मॉडल का उद्देश्य केवल चिकित्सा शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों को आयुर्वेद के मूल स्रोतों से जोड़ना भी है। चूंकि आयुर्वेद के अधिकांश प्राचीन ग्रंथ संस्कृत में हैं, इसलिए विद्यार्थियों को शुरुआत से ही संस्कृत का गहन अध्ययन कराया जाएगा। इससे अनुवाद पर निर्भरता कम होगी और भविष्य के आयुर्वेद चिकित्सक मूल ग्रंथों का अध्ययन कर सकेंगे।

अस्पताल और आधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस

इन गुरुकुलम में सामान्य आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों की तरह अस्पताल, प्रयोगशालाएं, प्रशिक्षित शिक्षक और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। संस्थानों के लिए कम से कम 15 एकड़ भूमि की आवश्यकता तय की गई है, ताकि विद्यालय और चिकित्सा शिक्षा दोनों की व्यवस्था एक ही परिसर में विकसित की जा सके।

PPP मॉडल पर निजी क्षेत्र को भी मिलेगा बड़ा मौका

राज्य सरकार ने PPP मॉडल के तहत गुरुकुलम स्थापित करने के लिए निजी संस्थानों और आयुर्वेद कॉलेज संचालकों को आवेदन के लिए आमंत्रित किया है। राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) द्वारा तय सभी मानकों को पूरा करने वाले संस्थानों को ही अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) दिया जाएगा। सरकारी गुरुकुलम स्थापित करने की प्रक्रिया पर दूसरे चरण में काम किया जाएगा।

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