लोगों को अब घर बैठे मिलेंगे जमीन के निबंधन दस्तावेज
अब तक जमीन के निबंधन की प्रति प्राप्त करने के लिए लोगों को संबंधित निबंधन कार्यालय में जाकर आवेदन करना पड़ता था। इसके लिए निर्धारित शुल्क जमा करना होता था और दस्तावेज मिलने में भी समय लगता था। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र रैयत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने निबंधन दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे। इससे समय और अनावश्यक भागदौड़ दोनों में कमी आएगी।
पहले चरण में 1990 से 1995 के रिकॉर्ड होंगे ऑनलाइन
डिजिटाइजेशन अभियान के पहले चरण में 1990 से 1995 के बीच पंजीकृत दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग ने इस काम को लगभग पूरा कर लिया है और जल्द ही इन रिकॉर्ड्स को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में 1908 से 1989 तक के ऐतिहासिक दस्तावेजों को भी डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने की योजना है।
पुराने रिकॉर्ड भी होंगे सुरक्षित
सरकार की योजना केवल नए दस्तावेजों तक सीमित नहीं है। दूसरे चरण में कई दशक पुराने रिकॉर्ड भी डिजिटल किए जाएंगे, ताकि लोग अपने पूर्वजों की जमीन से जुड़े निबंधन दस्तावेज भी आसानी से प्राप्त कर सकें। यह कदम भविष्य में भूमि विवाद कम करने, रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और दस्तावेज खोजने की प्रक्रिया को आसान बनाने में भी मददगार साबित हो सकता है।
लोगों को मिलेगा बड़ा लाभ
नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन मालिकों को कई सुविधाएं मिल सकती हैं:
घर बैठे निबंधन दस्तावेज डाउनलोड करने की सुविधा।
कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत।
समय और खर्च दोनों की बचत।
पुराने भूमि रिकॉर्ड सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध।
दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल।
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