केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, केंद्र सरकार ने दी जानकारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने संसद में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) योजना को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार के इस जवाब से कुछ पूर्व केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदों को झटका लगा है, जबकि वर्तमान कर्मचारियों के लिए यह योजना एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।

संसद में सरकार ने रखा स्पष्ट पक्ष

राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि MACP योजना को पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा। सरकार के अनुसार यह योजना 1 सितंबर 2008 से प्रभावी हुई थी, इसलिए इससे पहले सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 के बीच सेवा से सेवानिवृत्त हुए केंद्रीय असैनिक कर्मचारियों पर यह योजना लागू नहीं होती, क्योंकि उस अवधि में MACP व्यवस्था अस्तित्व में नहीं थी।

क्या है MACP योजना?

मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) योजना उन कर्मचारियों के लिए बनाई गई है, जिन्हें लंबे समय तक नियमित पदोन्नति नहीं मिल पाती। इस व्यवस्था के तहत यदि किसी कर्मचारी को निर्धारित अवधि तक प्रमोशन नहीं मिलता है, तो उसे वित्तीय उन्नयन का लाभ दिया जाता है।

वर्तमान नियमों के अनुसार कर्मचारी को सेवा के 10, 20 और 30 वर्ष पूरे होने पर, या एक ही ग्रेड में 10 वर्ष बिताने पर कुल तीन वित्तीय उन्नयन मिल सकते हैं। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की वेतन प्रगति सुनिश्चित करना है, भले ही उन्हें नियमित पदोन्नति न मिली हो।

पुराने कर्मचारियों को क्यों नहीं फायदा?

सरकार का कहना है कि किसी भी योजना का लाभ उसी तारीख से दिया जा सकता है, जिस दिन से वह प्रभावी होती है। चूंकि MACP योजना 1 सितंबर 2008 से लागू हुई, इसलिए इससे पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ देना नियमों के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर सरकार ने संसद में इस मांग को अस्वीकार कर दिया।

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