यूपी सरकार का बड़ा फैसला, गांव-गांव के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के अभियान को नई गति देने का निर्णय लिया है। खासकर जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से प्रभावित गांवों में सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का 

प्रभावित गांवों में दिन-रात होगा काम

जलशक्ति विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन गांवों में अब तक नल से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, वहां कार्य में तेजी लाई जाए। इसके लिए जरूरत पड़ने पर 24 घंटे तीन शिफ्टों में काम कराया जाएगा, ताकि हर घर तक जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके। सरकार का मानना है कि सुरक्षित पानी उपलब्ध होने से जलजनित बीमारियों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयसीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि किसी स्तर पर कार्य में अनावश्यक देरी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों की पेयजल संबंधी शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

पाइपलाइन कार्य के बाद सड़कों की मरम्मत

ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की समस्या को भी सरकार ने गंभीरता से लिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी सड़कें खोदी गई हैं, वहां मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। साथ ही सभी लंबित पेयजल योजनाओं को तय समय के भीतर पूरा करने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी।

जल चौपाल के जरिए बढ़ेगी जनभागीदारी

सरकार केवल पेयजल आपूर्ति तक ही सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि लोगों को जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए गांवों में नियमित रूप से जल चौपाल आयोजित की जाएगी, जहां ग्रामीणों को सुरक्षित पानी के महत्व और जल बचत के उपायों की जानकारी दी जाएगी। जिन गांवों में नल से जलापूर्ति शुरू हो चुकी है, वहां जल अर्पण जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।

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