हर पात्र परिवार को मिलेगा घर बनाने के लिए भूखंड
राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य ऐसे परिवारों को जमीन उपलब्ध कराना है, जिनके पास रहने के लिए अपना भूखंड नहीं है। तीन डिसमिल जमीन मिलने के बाद लाभार्थी परिवार अब अपने स्थायी घर के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कहना है कि यह अभियान सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
इन जिलों में सबसे अधिक परिवारों को मिला लाभ
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार गया में सबसे अधिक 407 परिवारों को जमीन का अधिकार मिला। इसके अलावा नालंदा (378), पटना (363), औरंगाबाद (296), बांका (282), कटिहार (222), बेगूसराय (210) और किशनगंज (209) सहित कई जिलों में पात्र परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
15 अगस्त तक पूरा होगा बड़ा लक्ष्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और 15 अगस्त तक 30 हजार पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए जिला स्तर पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके।
'अभियान बसेरा-2' से मिल रहा आवास
यह पूरी प्रक्रिया 'अभियान बसेरा-2' के तहत संचालित की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराना और उन्हें स्थायी आवास की दिशा में आगे बढ़ाना है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकार अपने वर्तमान कार्यकाल में भूमि सुधार और गरीब परिवारों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है।
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