स्टॉक सीमा और भंडारण अवधि तय
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, किसी भी चीनी डीलर को 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, किसी भी स्टॉक को 30 दिनों से अधिक समय तक अपने पास नहीं रखा जा सकेगा। इन नियमों का पालन 1 अगस्त से अनिवार्य होगा। हालांकि, यह व्यवस्था सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सरकारी भंडार या सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसियों के पास रखे गए स्टॉक पर लागू नहीं होगी।
कीमतों को स्थिर रखने की तैयारी
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब मानसून को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले केंद्र सरकार चीनी के निर्यात पर भी रोक लगा चुकी है, ताकि घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में किसी प्रकार की कृत्रिम कमी न पैदा हो और आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ न पड़े।
राज्यों को भी दिए गए निर्देश
केंद्र ने राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चीनी कारोबार की निगरानी करें और आवश्यकता के अनुसार स्टॉक सीमा निर्धारित करें। हालांकि, राज्य सरकारें केंद्र द्वारा तय की गई अधिकतम सीमा और अवधि से अधिक छूट नहीं दे सकेंगी। इससे पूरे देश में एक समान व्यवस्था लागू करने और नियमों के प्रभावी पालन में मदद मिलेगी।

0 comments:
Post a Comment