बिहार में सभी शिक्षकों के लिए नया फरमान, नए निर्देश जारी

पटना। बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब सभी शिक्षकों को तय समय सीमा के भीतर 'प्रशस्त एप 2.0' पर अपना पंजीकरण कराना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसके जरिए स्कूलों में पढ़ने वाले विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

31 जुलाई तक पूरा करना होगा रजिस्ट्रेशन

शिक्षा विभाग के अनुसार राज्य के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के शिक्षकों को 31 जुलाई तक 'प्रशस्त एप 2.0' पर अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। यह अभियान एनसीईआरटी की नई पहल के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समावेशी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।

इसी मोबाइल नंबर से होगा पंजीकरण

रजिस्ट्रेशन करते समय शिक्षकों को वही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना होगा, जो उनके विद्यालय के यू-डाइस (U-DISE) रिकॉर्ड में दर्ज है। यदि किसी शिक्षक का मोबाइल नंबर रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है, तो पहले उसे अपडेट कराने की सलाह दी गई है, ताकि पंजीकरण में कोई परेशानी न हो।

केवल रजिस्ट्रेशन नहीं, प्रशिक्षण भी

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजीकरण के बाद शिक्षकों को एप के उपयोग से संबंधित प्रशिक्षण वीडियो देखना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी शिक्षक एप की कार्यप्रणाली को सही तरीके से समझ सकें और विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग बिना किसी त्रुटि के कर सकें।

अगस्त से शुरू होगा अभियान

रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद 15 अगस्त से 15 सितंबर के बीच सभी स्कूलों में विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी, जिन्हें पढ़ाई के दौरान अतिरिक्त सहयोग या विशेष शैक्षणिक सहायता की आवश्यकता है।

हर जिले की होगी निगरानी

इस अभियान की प्रगति पर केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि एनसीईआरटी भी नजर रखेगी। किस जिले में कितने शिक्षकों ने पंजीकरण कराया और कितनी प्रगति हुई, इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी। इसी वजह से सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को जरूरत पड़ने पर विशेष शिविर आयोजित कर समय पर पंजीकरण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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