मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि जिन इलाकों में तेज बारिश होगी, वहां जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति भी बन सकती है।
क्यों बढ़ी मानसून की सक्रियता?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बना निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर पड़ने के बाद मानसूनी द्रोणी धीरे-धीरे अपनी सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही है। वहीं उत्तर प्रदेश के उत्तर-मध्य भाग में बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी में विकसित गहरे अवदाब के कारण प्रदेश में नमी का प्रवाह तेजी से बढ़ेगा। इन्हीं मौसमीय परिस्थितियों की वजह से अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं।
इन जिलों में ज्यादा असर दिख सकता है
मौसम विभाग ने जिन जिलों में बारिश की संभावना जताई है, उनमें गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, सहारनपुर, रामपुर, सोनभद्र, बरेली, अमरोहा (ज्योतिबा फुले नगर), मथुरा, मुरादाबाद, कानपुर, आजमगढ़, पीलीभीत, झांसी, वाराणसी और अयोध्या प्रमुख हैं। इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मंगलवार से शुक्रवार तक जारी रह सकती है बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बारिश का सिलसिला मंगलवार से शुरू होकर शुक्रवार तक रुक-रुक कर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश तो कुछ इलाकों में भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है।

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