CM योगी ने दिए ये निर्देश, किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, टेंशन दूर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खरीफ सीजन के दौरान खाद की उपलब्धता को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में खाद की आपूर्ति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी जिले में किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें और जरूरत से ज्यादा उर्वरक का भंडारण करने से बचें। सरकार के अनुसार इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अधिक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है।

किसानों को नहीं होगी खाद की दिक्कत

मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बुवाई के बाद किसानों को सबसे अधिक आवश्यकता उर्वरकों की होती है। ऐसे समय में सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक किसान को उसकी जरूरत के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध हो। उन्होंने कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले से लेकर मंडल स्तर तक उर्वरक की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी स्थान पर कृत्रिम कमी या कालाबाजारी जैसी स्थिति न बनने दी जाए।

कृषि मंत्री ने दी स्टॉक की जानकारी

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। 27 जुलाई तक लगभग 28.25 लाख मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 29.05 लाख मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक किसान तक समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक पहुंचाना है, ताकि खेती का काम बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

विभिन्न उर्वरकों का पर्याप्त भंडार

सरकार के अनुसार प्रदेश में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। जरूरत के अनुसार जिलों में लगातार आपूर्ति की जा रही है ताकि किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।

समस्या होने पर करें अधिकारियों से संपर्क

कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यदि किसी जिले में किसी किसान को खाद प्राप्त करने में कठिनाई होती है, तो वह अपने जनपद या मंडल के कृषि अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।

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