सभी पात्र शिक्षकों को लाभ
वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रोन्नत वेतनमान का लाभ केवल सीमित संख्या में शिक्षकों को दिया जाता है। इससे बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक इस सुविधा से वंचित रह जाते हैं, जिन्होंने निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर ली है। नए प्रस्ताव का उद्देश्य इस व्यवस्था में बदलाव कर सभी पात्र शिक्षकों को समान अवसर देना है।
क्या है मौजूदा व्यवस्था?
फिलहाल शिक्षकों को 10 वर्ष की नियमित और संतोषजनक सेवा पूरी होने पर चयन वेतनमान का लाभ मिलता है। इसके बाद अगली निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने पर प्रोन्नत वेतनमान के लिए पात्रता बनती है। लेकिन अभी यह लाभ केवल एक सीमित प्रतिशत शिक्षकों तक ही सीमित है, जिससे लंबे समय से असंतोष बना हुआ था।
शासन की मंजूरी का इंतजार
स्कूली शिक्षा महानिदेशालय द्वारा तैयार प्रस्ताव अब बेसिक शिक्षा विभाग के पास भेजा गया है। उम्मीद की जा रही है कि शासन स्तर पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे हजारों शिक्षकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
पोर्टल पर होगी ऑनलाइन प्रक्रिया
नई व्यवस्था को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए मानव संपदा पोर्टल पर एक विशेष मॉड्यूल विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके माध्यम से पात्र शिक्षकों के आवेदन, सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। इससे अनावश्यक देरी कम होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
शिक्षकों की लंबे समय से थी मांग
शिक्षक संगठन लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि प्रोन्नत वेतनमान का लाभ किसी निश्चित प्रतिशत तक सीमित रखने के बजाय सभी पात्र शिक्षकों को दिया जाए। उनका कहना था कि समान सेवा अवधि पूरी करने वाले सभी शिक्षकों को समान लाभ मिलना चाहिए। अब प्रस्ताव आगे बढ़ने से उनकी उम्मीदें मजबूत हुई हैं।

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